BROKEN HEART
BROKEN HEART
"ऐसा कोई दिल नहीं जो कभी टूटा नहीं ,कांच से उम्मीद क्या रखना !"
आज मै आप सभी का ध्यान एक ऐसे विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ जो यूं तो बहुत आम है पर सबसे ख़ास है - BROKEN HEART यानि टूटा हुआ दिल। आपने बहुत से किस्से सुने होंगे देखे होंगे फिल्मे धारावाहिक गाने सब इसी के इर्द गिर्द घूमते रहते है। भले ही शब्द स्थान चरित्र पात्र सब बदल जाये पर विषय वस्तु और शीर्षक वही रहता है। अब इसमें आश्चर्य की तो कोई विशेष बात नहीं है भाई दिल लगाओगे तो टूटेगा भी। आज कल का प्यार तो शेयर बाजार की तरह होता है जब होता है तो शुरुआती कुछ क्षणों में सेंसेक्स ,निफ़्टी ,फिफ्टी ,बिटकॉइन , नैस्डैक सब एकदम से टॉप मोड में एक्टिव होते है और चाहत का सांख्यिकीय मान पल पल बैरोमीटर के पारे की तरह चढ़ता जाता है। उस समय अगर दुनिया के किसी भी रेटिंग एजेंसी से रेटिंग कराइ जाये चाहे वो फिंच हो या मूडीज इक्रा हो या वर्ल्ड बैंक सभी के रिमार्क्स दो डिजिट में होंगे उस समय इश्क़ की जीडीपी और जीएनपी दोनों का आकलन करने वाले को उम्मीद से १०० गुना ज्यादा भी प्राप्त हो सकता है। पर जैसे जैसे ये IPO पुराना होते जाता है और FPO में बदलते जाता है रेटिंग भी उस हिसाब से गिरती है जैसे एकाएक पारद वायुदाबमापी सयंत्र का पारा गिरता हैं और आंधी तूफ़ान आ जाते है। जानते है ऐसा क्यों होता है क्यूंकि सबको अपने हिसाब का चाहिए यहाँ कोई भी किसी की भावनाओ की क़द्र नहीं करना चाहता। इश्क़ का ये सट्टाबाजार बस एक सिद्धांत पर काम करता है सभी अपने अपने तरीके से भरपूर प्रयास करते है अगर मन का मिला तो चाहत और अगर अधूरी रह गई तो मोहब्बत। फिर चाहे आप कितने बड़े लव-शास्त्री क्यों न हो आपके भावनाओ के भाव गिरते चले जायेंगे और अंत में परिणाम कुछ इस तरह आते है जैसे की दैनिक अखबार में ECONOMICS की पेज पर आने वाली BULL AND BEAR की प्रतियोगिता। अगर सही चुना तो तेजड़िया और भूल हुई तो मदडिया।
मुझसे मेरे कई मित्रो ने पूछा यार अगर दिल टूट जाये या किसी से धोखा मिल जाये तो क्या करे कुछ लोग तो यहाँ तक बोलने लगते है की जीने की कोई वजह ही नहीं बची है। मैं उनसे बस एक ही बात कहता हूँ यार तू अकेला नहीं है तेर जैसे लाखो लाख है। मै उन्हें कई उत्कृष्ट उदहारण भी देता हूँ की जब सिंधुसभ्यता जैसी विकसित सभ्यता विलीन हो गई , मौर्य साम्राज्य का पतन हो गया ,मुग़ल वंश काअंत हो गया, अंग्रेज भारत छोड़ कर चले गए ,७० साल तक राज करने वाली कांग्रेस पार्टी सिमट गई , तो फिर तुम्हारा दिल भी टूट गया तो तुम्हे कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
'MY FRIEND AS YOU KNOW THAT NOTHING IS PERMANENT IN THIS WORLD."
मित्रो जीवन में आगे बढ़ने के लिए चोट लगना भी जरूरी है क्यूंकि जिस तरह से पत्थर लहरों की मार खा खा कर मजबूत हो जाता है उसी तरह से इन्सान भी चोट खा के सहनशील और धैर्यवान बनता जाता है। आप दुनिया के किसी भी महापुरुष की जीवनी उठा कर देख ले उन्होंने पहले चोट खाई फिर उनका पुरुषार्थ निखर कर आया। लेकिन ये आप पर निर्भर करता है की आप इस दर्दे दिल के चोट को किस तरह से लेते है। इस दबाव भरे लम्हे में जो खुद को नहीं संभाल पाता वो बिखर जाता है और जो अपनी साख बचा लेता है वो निखर जाता है।
आज कल तो दिल से खेलने वालो की संख्या इतनी तेजी से बढ़ती जा रही है की मेरी माने तो संसद से एक विधेयक पारित कर पूरी सर्वसम्मति से इस दिल के खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में अंगीकार कर लेना चाहिए। जिस हिसाब से आपको फेसबुक और व्हाट्सप्प पर लोगो के स्टेटस नजर आ रहे होंगे उनके दर्द और जज्बात से तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है की इश्क़ का धंधा जोरो पर है।
आखिर में एक सलाह-आप सभी ने म्यूच्यूअल फण्ड वाला ऐड अपने टेलेविज़न पर कई बार देखा होगा जिसमे एक व्यक्ति बहुत ही जल्दबाजी में एक बात बोल जाता है :-
"MUTUAL FUND IS SUBJECTED TO MARKET RISK PLEASE READ ALL THE DOCUMENTS CAREFULLY BEFORE INVESTMENT"
इसका अर्थ बिलकुल साफ़ है की रिस्क तो इश्क़ के म्यूच्यूअल फण्ड में भी है पर कम्बख्त ये होता ही ऐसे है की दस्तावेज पढ़ने की फुर्सत ही कहाँ मिलती है।
धन्यवाद
आशीष
A.K
"ऐसा कोई दिल नहीं जो कभी टूटा नहीं ,कांच से उम्मीद क्या रखना !"
आज मै आप सभी का ध्यान एक ऐसे विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ जो यूं तो बहुत आम है पर सबसे ख़ास है - BROKEN HEART यानि टूटा हुआ दिल। आपने बहुत से किस्से सुने होंगे देखे होंगे फिल्मे धारावाहिक गाने सब इसी के इर्द गिर्द घूमते रहते है। भले ही शब्द स्थान चरित्र पात्र सब बदल जाये पर विषय वस्तु और शीर्षक वही रहता है। अब इसमें आश्चर्य की तो कोई विशेष बात नहीं है भाई दिल लगाओगे तो टूटेगा भी। आज कल का प्यार तो शेयर बाजार की तरह होता है जब होता है तो शुरुआती कुछ क्षणों में सेंसेक्स ,निफ़्टी ,फिफ्टी ,बिटकॉइन , नैस्डैक सब एकदम से टॉप मोड में एक्टिव होते है और चाहत का सांख्यिकीय मान पल पल बैरोमीटर के पारे की तरह चढ़ता जाता है। उस समय अगर दुनिया के किसी भी रेटिंग एजेंसी से रेटिंग कराइ जाये चाहे वो फिंच हो या मूडीज इक्रा हो या वर्ल्ड बैंक सभी के रिमार्क्स दो डिजिट में होंगे उस समय इश्क़ की जीडीपी और जीएनपी दोनों का आकलन करने वाले को उम्मीद से १०० गुना ज्यादा भी प्राप्त हो सकता है। पर जैसे जैसे ये IPO पुराना होते जाता है और FPO में बदलते जाता है रेटिंग भी उस हिसाब से गिरती है जैसे एकाएक पारद वायुदाबमापी सयंत्र का पारा गिरता हैं और आंधी तूफ़ान आ जाते है। जानते है ऐसा क्यों होता है क्यूंकि सबको अपने हिसाब का चाहिए यहाँ कोई भी किसी की भावनाओ की क़द्र नहीं करना चाहता। इश्क़ का ये सट्टाबाजार बस एक सिद्धांत पर काम करता है सभी अपने अपने तरीके से भरपूर प्रयास करते है अगर मन का मिला तो चाहत और अगर अधूरी रह गई तो मोहब्बत। फिर चाहे आप कितने बड़े लव-शास्त्री क्यों न हो आपके भावनाओ के भाव गिरते चले जायेंगे और अंत में परिणाम कुछ इस तरह आते है जैसे की दैनिक अखबार में ECONOMICS की पेज पर आने वाली BULL AND BEAR की प्रतियोगिता। अगर सही चुना तो तेजड़िया और भूल हुई तो मदडिया।
मुझसे मेरे कई मित्रो ने पूछा यार अगर दिल टूट जाये या किसी से धोखा मिल जाये तो क्या करे कुछ लोग तो यहाँ तक बोलने लगते है की जीने की कोई वजह ही नहीं बची है। मैं उनसे बस एक ही बात कहता हूँ यार तू अकेला नहीं है तेर जैसे लाखो लाख है। मै उन्हें कई उत्कृष्ट उदहारण भी देता हूँ की जब सिंधुसभ्यता जैसी विकसित सभ्यता विलीन हो गई , मौर्य साम्राज्य का पतन हो गया ,मुग़ल वंश काअंत हो गया, अंग्रेज भारत छोड़ कर चले गए ,७० साल तक राज करने वाली कांग्रेस पार्टी सिमट गई , तो फिर तुम्हारा दिल भी टूट गया तो तुम्हे कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
'MY FRIEND AS YOU KNOW THAT NOTHING IS PERMANENT IN THIS WORLD."
मित्रो जीवन में आगे बढ़ने के लिए चोट लगना भी जरूरी है क्यूंकि जिस तरह से पत्थर लहरों की मार खा खा कर मजबूत हो जाता है उसी तरह से इन्सान भी चोट खा के सहनशील और धैर्यवान बनता जाता है। आप दुनिया के किसी भी महापुरुष की जीवनी उठा कर देख ले उन्होंने पहले चोट खाई फिर उनका पुरुषार्थ निखर कर आया। लेकिन ये आप पर निर्भर करता है की आप इस दर्दे दिल के चोट को किस तरह से लेते है। इस दबाव भरे लम्हे में जो खुद को नहीं संभाल पाता वो बिखर जाता है और जो अपनी साख बचा लेता है वो निखर जाता है।
आज कल तो दिल से खेलने वालो की संख्या इतनी तेजी से बढ़ती जा रही है की मेरी माने तो संसद से एक विधेयक पारित कर पूरी सर्वसम्मति से इस दिल के खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में अंगीकार कर लेना चाहिए। जिस हिसाब से आपको फेसबुक और व्हाट्सप्प पर लोगो के स्टेटस नजर आ रहे होंगे उनके दर्द और जज्बात से तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है की इश्क़ का धंधा जोरो पर है।
आखिर में एक सलाह-आप सभी ने म्यूच्यूअल फण्ड वाला ऐड अपने टेलेविज़न पर कई बार देखा होगा जिसमे एक व्यक्ति बहुत ही जल्दबाजी में एक बात बोल जाता है :-
"MUTUAL FUND IS SUBJECTED TO MARKET RISK PLEASE READ ALL THE DOCUMENTS CAREFULLY BEFORE INVESTMENT"
इसका अर्थ बिलकुल साफ़ है की रिस्क तो इश्क़ के म्यूच्यूअल फण्ड में भी है पर कम्बख्त ये होता ही ऐसे है की दस्तावेज पढ़ने की फुर्सत ही कहाँ मिलती है।
धन्यवाद
आशीष
A.K
Superb
ReplyDeleteThanks
ReplyDeleteEkdm right bhai ji
ReplyDeleteThanks bhai
DeleteEk no
ReplyDeleteThanks bro
DeleteBahut sahi, commendable
ReplyDelete