SOCIETY PHOBIA
SOCIETY PHOBIA समाज का डर हम सभी जिस परिवेश से आते है वहां एक शब्द बहुत लोकप्रिय है समाज। समाज क्या कहेगा ?लोग क्या सोचेंगे ? शायद ये ध्वनि हम सभी के कानों में इतनी बार गुंजी है की अब तो इसकी आदत सी हो गई है। अच्छा बुरा गलत सही सब कुछ समाज ही तो सत्यापित करता है और करे भी क्यों न हमने इन्हे इस बात का सर्टिफिकेट जो दे रखा है। बचपन में नागरिकशास्त्र की पुस्तक में पढ़ा था की मनुष्य स्वभाव से ही एक सामाजिक प्राणी है। ये सही भी है न मानव रहित समाज की कल्पना की जा सकती है न समाज बिन मानव की...